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🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
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🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 01 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन – बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत – 1948*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ऋतु*
🌤️ *मास – चैत्र*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*

🌤️ *तिथि – चतुर्दशी सुबह 07:06 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी शाम 04:17 तक तत्पश्चात हस्त*
🌤️ *योग – वृद्धि दोपहर 02:51 तक तत्पश्चात ध्रुव*
🌤️*राहुकाल – दोपहर 12:43 से दोपहर 02:15 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:33*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:52*

👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – पूर्णिमा*
💥 *विशेष – चतुर्दशी व  पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री- सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
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🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *हनुमान जन्मोत्सव* 🌷
🙏🏻 *चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 02 अप्रैल, गुरुवार को है। हनुमानजी जन्मोत्सव के शुभ योग में यदि कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं-*

🌷 *ऐसे चढाएं हनुमानजी को चोला* 🌷
*हनुमान जन्मोत्सव को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। हनुमानजी को चोला चढ़ाने से पहले स्वयं स्नान कर शुद्ध हो जाएं और साफ वस्त्र धारण करें। सिर्फ लाल रंग की धोती पहने तो और भी अच्छा रहेगा। चोला चढ़ाने के लिए चमेली के तेल का उपयोग करें। साथ ही, चोला चढ़ाते समय एक दीपक हनुमानजी के सामने जला कर रख दें। दीपक में भी चमेली के तेल का ही उपयोग करें।*
🙏🏻 *चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा छिटक दें। अब एक साबुत पान का पत्ता लें और इसके ऊपर थोड़ा गुड़ व चना रख कर हनुमानजी को भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद उसी स्थान पर थोड़ी देर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें। कम से कम 5 माला जप अवश्य करें।*

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